गोरखपुर से आतंकी साजिश का खुलासा, आईएसआई लिंक की जांच में जुटीं एजेंसियां
सूत्रों के अनुसार, कृष्णा मिश्रा को 5 मई 2026 को गोरखपुर से हिरासत में लिया गया। उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी। संदिग्ध की लोकेशन और संपर्कों के आधार पर एटीएस ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा।
पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी पुलिस ठिकानों और अन्य संवेदनशील सरकारी स्थानों को निशाना बनाने की योजना में शामिल हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसे विदेश से निर्देश मिल रहे थे।
तलाशी में हथियार और संचार उपकरण बरामद
एटीएस की तलाशी के दौरान संदिग्ध के पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और अन्य संचार उपकरण बरामद किए गए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
बाराबंकी तक फैले नेटवर्क की जांच
इस कार्रवाई के दौरान एटीएस ने बाराबंकी से भी एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लिया है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय हो सकता है।
कॉल डिटेल और सोशल मीडिया कनेक्शन खंगाले जा रहे
एटीएस के साथ अन्य केंद्रीय और खुफिया एजेंसियां भी मामले की जांच में जुटी हैं। संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और विदेशी संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
अकेला आरोपी या बड़ा मॉड्यूल?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कृष्णा मिश्रा अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े आतंकी संगठन के लिए सक्रिय था। फिलहाल सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है।
निष्कर्ष
गोरखपुर से सामने आया यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट माना जा रहा है। एटीएस की सतर्क कार्रवाई से एक संभावित बड़ी साजिश को समय रहते विफल करने का दावा किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे सामने आ सकते

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