बाल विवाह मुक्त महराजगंज के लिए हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक व रैली
संपादक सुनील पाण्डेय उत्तर प्रदेश
महराजगंज। बाल विवाह मुक्त भारत के तहत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत बुधवार को पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति एवं यूनिसेफ के सहयोग से जनपद में जागरूकता रैली, हस्ताक्षर अभियान एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में जिलाधिकारी सहित पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के निदेशक फादर शाजी जोसेफ, यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर कर बाल विवाह मुक्त महराजगंज का संकल्प दोहराया। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी अभियान में सहभागिता की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनपदवासियों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिका की आयु 18 वर्ष एवं बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाए। “बाल विवाह को ना और शिक्षा को हां” का संदेश देते हुए उन्होंने सभी बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने पर बल दिया तथा अभियान में सहयोग के लिए पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति व यूनिसेफ की सराहना की।
पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के निदेशक फादर शाजी जोसेफ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में निचलौल, नौतनवा एवं मिठौरा ब्लॉक के विभिन्न गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जागरूकता वाहन, हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जनसामान्य को संवेदनशील किया जा रहा है तथा सूचना देने हेतु हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी जा रही है।
जागरूकता वाहन जिलाधिकारी कार्यालय से प्रारंभ होकर मुख्य चौराहा, सिंदुरिया, मिठौरा, निचलौल, गडौरा होते हुए ठूठीबारी पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान महराजगंज, मिठौरा, निचलौल एवं ठूठीबारी के बस अड्डों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। लोगों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
यह भी बताया गया कि जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (सीएमपीओ) नामित किया गया है, जिससे ग्राम स्तर पर भी सूचना देना सुलभ हो सके।
यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह ने 27 नवंबर से 8 मार्च तक संचालित अभियान की जानकारी देते हुए द्वितीय चरण में ऑनलाइन शपथ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, मानव तस्करी रोधी थाना टीम, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।

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