Chief in editor Sunil Pandey
UP
निरीक्षण में सामने आया कि मेले में कुल 27 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 26 को दवाएं वितरित की गईं। इसके अलावा 14 अन्य मरीजों के परीक्षण की सूचना भी दी गई। अपेक्षाकृत कम उपस्थिति और सीमित सेवाओं पर असंतोष जताते हुए डीएम ने आरोग्य मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। दवा स्टॉक की जांच में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध पाई गईं, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया।
हेल्थ एटीएम के निष्क्रिय पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई और इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई कर इसे शीघ्र चालू कराने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसी महत्वपूर्ण सुविधा का बंद रहना कतई स्वीकार्य नहीं है।
केंद्र परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति और दीवारों पर सीलन को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, प्रसव कक्ष के वर्तमान में संचालित न होने को गंभीर मुद्दा बताते हुए जल्द से जल्द प्रसव सेवाएं शुरू कराने को कहा।
टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम से जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि टीकाकरण पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। साथ ही ई–कवच और यू–विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत सही व समयबद्ध डेटा फीडिंग सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने दो टूक कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखने के निर्देश दिए तथा कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, मनोज कुमार मिश्रा, फार्मासिस्ट इम्तियाज अली सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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