महराजगंज, 11 अप्रैल 2026।
Chief in editor Sunil Pandey
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट इकाई, गोबर गैस प्लांट और हरे चारे की व्यवस्था का निरीक्षण किया। गोबर गैस प्लांट की अब तक मरम्मत न होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए एई जल निगम को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में स्थित जर्जर भवन को ध्वस्त कराने तथा अनुपयोगी शेड की मरम्मत कर उनमें गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने गोसदन को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने पर जोर दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन में कुल 739 गोवंश हैं, जिनमें 559 नंदी और 180 गाय शामिल हैं। पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, चोकर, पशु आहार और साइलेज उपलब्ध है। वहीं गोसदन की भूमि पर बड़े पैमाने पर बाजरा, नेपियर और जई की खेती कर हरा चारा तैयार किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान एक बीमार गोवंश के उपचार की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोसदन परिसर में फलदार वृक्ष लगाने की बात कही, जिससे अतिरिक्त आय सृजित हो सके।
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की समीक्षा करते हुए बीडीओ निचलौल ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा खाद का उत्पादन और बिक्री की जा रही है। साथ ही गोबर से गोकाष्ठ भी तैयार किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने और गोकाष्ठ की बिक्री हेतु नगर निकायों व अंत्येष्टि स्थलों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मधवलिया गोसदन को आत्मनिर्भर और मॉडल गोसदन के रूप में विकसित करने की पूरी संभावना है, जिसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंश को गुड़, केला और चना भी खिलाया।
इस मौके पर डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, परियोजना निदेशक आर.डी. चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज़ अहमद, बीडीओ निचलौल शमा सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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