Maharajganj
निरीक्षण के दौरान रेंडम (Random) विधि से चयनित कृषक धर्मेंद्र गौड़ के खेत में सांख्यिकीय पद्धति से क्रॉप कटिंग प्रयोग संपादित किया गया। निर्धारित माप के अनुसार 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फसल की कटाई की गई, जिसमें कुल उत्पादन 14.900 किलोग्राम प्राप्त हुआ। इस प्रक्रिया के माध्यम से फसल की पैदावार का वैज्ञानिक आकलन किया गया, ताकि जनपद में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता के सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग कृषि आंकलन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जिले की औसत उपज निर्धारित की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर न केवल कृषि उत्पादन का आकलन होता है, बल्कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल क्षति का उचित भुगतान भी सुनिश्चित किया जाता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास खंडों में क्रॉप कटिंग प्रयोग पारदर्शिता एवं वैज्ञानिक पद्धति से समयबद्ध रूप से पूर्ण कराए जाएं, जिससे किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। साथ ही किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के लिए भी प्रेरित किया, ताकि कृषि योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।
क्रॉप कटिंग के दौरान उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र कुमार, सांख्यिकी अधिकारी भूपेंद्र गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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