महराजगंज, 11 मार्च 2026।
महराजगंज।उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने बुधवार को विकास भवन सभागार में जनसुनवाई कर पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान कुल 40 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे। उपाध्यक्ष ने ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पारिवारिक विवाद, पेंशन और राशन कार्ड से जुड़े मामले भी सामने आए।
उन्होंने सभी मामलों को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर निर्धारित समय में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं से जुड़े प्रकरणों में पात्र महिलाओं को नियमानुसार लाभ दिलाने की बात कही।
उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में अधिकारियों को विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज में कई स्तरों पर संघर्ष करना पड़ता है, ऐसे में प्रशासन का दायित्व है कि पीड़ित महिलाओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार व्यवहार अपनाया जाए।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं को महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी। साथ ही किसी भी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल संपर्क करने और महिला अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
जनसुनवाई के दौरान थाना कोतवाली महराजगंज से जुड़े एक मामले में ग्राम नटवा जंगल निवासी तैबू निशा ने अपने पति अबू हुरैश पर मारपीट करने का आरोप लगाया। इस पर उपाध्यक्ष ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हवालात भेज दिया।
वहीं थाना कोठीभार क्षेत्र से जुड़े एक अन्य मामले में शिकायतकर्ता प्रियंका वर्मा ने आरोप लगाया कि 4 मार्च 2026 को विपक्षी रिंकू वर्मा, पिंटू वर्मा आदि ने घर में घुसकर उनकी माता नगीना देवी का गला घोंटकर हत्या का प्रयास किया और उनके साथ अभद्रता की। इस मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई न होने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए आरोपियों के खिलाफ दो दिनों के भीतर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की व्यक्तिगत स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर स्पष्ट निर्देश दिए जाते रहे हैं।
जनसुनवाई के बाद उपाध्यक्ष ने जिला अस्पताल और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया। जिला अस्पताल के वार्ड में महिला मरीजों की संख्या कम मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं वन स्टॉप सेंटर में संवासिनियों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, क्षेत्राधिकारी सदर, महिला थाना प्रभारी, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, आईसीडीएस और पूर्ति विभाग के अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर व स्टाफ सहित अन्य संबंधित अधिकारी और शिकायतकर्ता उपस्थित रहे।

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