भारत–नेपाल की साझा विरासत का हुआ भव्य प्रदर्शन
भारत और नेपाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनपद मुख्यालय स्थित जवाहर लाल नेहरू स्मारक पी. जी. कॉलेज, महराजगंज में भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश तथा जिला प्रशासन महराजगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में दोनों देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली।
महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि कृष्ण गोपाल जयसवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. के.पी. सिंह, तहसीलदार सदर पंकज साही, नायब तहसीलदार देश दीपक त्रिपाठी एवं पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद डॉ. बलराम भट्ट सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि कृष्ण गोपाल जयसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से अत्यंत मजबूत है। ऐसे आयोजन दोनों देशों के बीच मैत्री, सहयोग और विश्वास को नई मजबूती प्रदान करते हैं।
सायं 6 बजे से शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। प्रसिद्ध जादूगर रामेश्वर गुप्ता के जादू प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं नेपाल से आई सांस्कृतिक टीम द्वारा प्रस्तुत कुमारी नृत्य एवं लोक गायन ने भारत–नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में लोक गायन एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। नीरज श्रीवास्तव, अंजलि पाठक ‘अंजल’, बसंत मिश्रा, राकेश चंद्र श्रीवास्तव एवं उदय राज निसाद ने लोक गायन से समां बांधा। प्रिया बाजपेयी एवं दीपक शर्मा (मथुरा) ने लोक नृत्य, होली, मयूर एवं चरकुला नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। विशेष आकर्षण के रूप में ओम प्रकाश (मुंबई) के भजन गायन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
महोत्सव के दौरान आयोजित विद्यालय स्तरीय निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को मंच से सम्मानित किया गया। इस पहल से विद्यार्थियों में भारत–नेपाल की मैत्री और सांस्कृतिक संबंधों के प्रति जागरूकता बढ़ी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कला प्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जनपद महराजगंज के लिए एक स्मरणीय और ऐतिहासिक आयोजन बताया।
भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव ने यह संदेश दिया कि संस्कृति ही वह सेतु है, जो सीमाओं से परे दिलों को जोड़ती है।

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