Maharajganj
Chief in editor Sunil Pandey
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित बच्चों व बालिकाओं का फूलमालाओं से स्वागत किया गया और उन्हें स्कूल बैग, पुस्तकें व अन्य पाठ्य सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा का क्रमबद्ध विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि छोटे बच्चों को पहले आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा जाए और 6 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाए। साथ ही कक्षा 5 के बाद कक्षा 6 में प्रवेश सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ‘सर्व शिक्षा अभियान’ और ‘स्कूल चलो अभियान’ के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुआ है और यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायक है। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे तथा ड्रॉपआउट बच्चों का चिन्हांकन कर पुनः उनका नामांकन कराया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि बालिकाओं के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं केंद्रीय विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करें तथा बच्चों के प्रति प्रेरणादायक व्यवहार अपनाएं। विद्यालयों में स्वच्छता और शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में कुल 30 बच्चों को स्कूल बैग, किताबें व अन्य सामग्री वितरित की गई।
जनपद में ‘स्कूल चलो अभियान’ का प्रथम चरण 15 अप्रैल तक और द्वितीय चरण जुलाई माह में संचालित होगा। जनपद में कुल 1724 परिषदीय, 1101 निजी तथा 44 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं, जिनमें 1,93,278 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पिछले वर्ष 45,260 नए नामांकन हुए, जिनमें से 1,79,748 छात्रों को डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित किया गया।

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